पर्वतारोहण में शिवाकांत मिश्रा और इशिका यादव ने लहराया परचम, 5,850 मीटर ऊंचे माउंट ब्रूमखांग्से पर किया सफल आरोहण; राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में भी जीता स्वर्ण पदक
सीतापुर। पर्वतारोहण के क्षेत्र में आरएमपी इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट शिवाकांत मिश्रा और इशिका यादव ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है। सिक्किम स्थित इंडियन हिमालयन सेंटर फॉर एडवेंचर एंड इको-टूरिज्म (आईएचसीएई) में आयोजित 28 दिवसीय एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद दोनों कैडेट बृहस्पतिवार को सीतापुर लौटे। विद्यालय पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया और उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान दोनों ने पर्वतारोहण की उन्नत तकनीकों, पर्वतीय अभियानों की योजना बनाने, सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल और तकनीकी चढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने माइनस आठ से नौ डिग्री सेल्सियस तापमान वाले ग्लेशियर क्षेत्र में सात दिन तक शिविर में रहकर प्रशिक्षण लिया। इस दौरान दोनों ने करीब 5,850 मीटर यानी 19,193 फीट ऊंचे माउंट ब्रूमखांग्से शिखर का सफल आरोहण भी किया। इसके अलावा, केंद्र में आयोजित पांच किलोमीटर की राष्ट्रीय स्तर की क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में भी दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक जीते।
28 दिवसीय एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा कर लौटे दोनों कैडेट
आरएमपी इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट शिवाकांत मिश्रा और इशिका यादव ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपनी मेहनत, साहस और लगन का परिचय दिया है। दोनों ने सिक्किम स्थित इंडियन हिमालयन सेंटर फॉर एडवेंचर एंड इको-टूरिज्म में आयोजित 28 दिवसीय एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स में हिस्सा लिया और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
बृहस्पतिवार को सीतापुर लौटने पर विद्यालय परिवार ने दोनों विद्यार्थियों का स्वागत किया। उनकी उपलब्धि से विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और एनसीसी इकाई में उत्साह का माहौल रहा।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को पर्वतारोहण की उन्नत तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में अभियान संचालित करने के लिए तैयार करना था। शिवाकांत और इशिका ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न तकनीकी पहलुओं को सीखा और अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
माइनस 9 डिग्री तापमान में ग्लेशियर पर सात दिन तक किया अभ्यास
पर्वतारोहण का प्रशिक्षण केवल ऊंची चोटियों पर चढ़ने तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें मौसम, सुरक्षा और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से निपटने की तैयारी भी शामिल होती है। शिवाकांत मिश्रा और इशिका यादव ने प्रशिक्षण के दौरान इन सभी पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
दोनों कैडेट ने माइनस आठ से नौ डिग्री सेल्सियस तापमान वाले ग्लेशियर क्षेत्र में सात दिनों तक शिविर में रहकर अभ्यास किया। इस दौरान उन्हें बेहद ठंडे वातावरण में रहने और पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनी गतिविधियों को संचालित करने का अनुभव मिला।
प्रशिक्षण के दौरान दोनों ने पर्वतारोहण की तकनीकों, अभियानों की योजना बनाने, सुरक्षा उपकरणों के उचित इस्तेमाल और तकनीकी चढ़ाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। इस तरह के प्रशिक्षण से पर्वतारोहियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है।
5,850 मीटर ऊंचे माउंट ब्रूमखांग्से शिखर पर किया सफल आरोहण
एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स के दौरान शिवाकांत मिश्रा और इशिका यादव ने करीब 5,850 मीटर ऊंचे माउंट ब्रूमखांग्से शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। समुद्रतल से लगभग 19,193 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस शिखर तक पहुंचना उनके प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
ग्लेशियर क्षेत्र में कम तापमान और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच पर्वतारोहण करने के लिए तकनीकी जानकारी, शारीरिक क्षमता और सावधानी की आवश्यकता होती है। दोनों कैडेट ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव का उपयोग करते हुए शिखर तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
उनकी इस उपलब्धि ने विद्यालय और एनसीसी इकाई में खुशी का माहौल पैदा कर दिया। पर्वतारोहण के क्षेत्र में इस तरह का अनुभव विद्यार्थियों को भविष्य में साहसिक अभियानों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
राष्ट्रीय स्तर की क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में भी जीता स्वर्ण पदक
पर्वतारोहण में सफलता के साथ-साथ शिवाकांत मिश्रा और इशिका यादव ने राष्ट्रीय स्तर की पांच किलोमीटर क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में शिवाकांत मिश्रा ने पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि इशिका यादव महिला वर्ग में पहले स्थान पर रहीं। दोनों ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण सफलता जोड़ दी।
पर्वतारोहण और क्रॉस कंट्री जैसी गतिविधियों में शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दोनों विद्यार्थियों के प्रदर्शन ने उनकी खेल भावना और प्रशिक्षण के प्रति समर्पण को सामने रखा।
विद्यालय पहुंचने पर हुआ स्वागत और सम्मान
28 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने और पर्वतारोहण सहित क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में उपलब्धि हासिल करने के बाद सीतापुर लौटे दोनों कैडेट का आरएमपी इंटर कॉलेज में स्वागत किया गया।
विद्यालय परिवार ने शिवाकांत मिश्रा और इशिका यादव को सम्मानित किया। उनकी सफलता से शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि दोनों विद्यार्थी एनसीसी से जुड़े हुए हैं और उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान साहसिक गतिविधियों के साथ खेल प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
स्वागत समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार, एनसीसी के एएनओ लेफ्टिनेंट मनु शर्मा, शिक्षिका अमिता भार्गव और अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने दोनों कैडेट की उपलब्धियों की सराहना की।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी दोनों कैडेट की उपलब्धि
शिवाकांत मिश्रा और इशिका यादव की सफलता यह दर्शाती है कि उचित प्रशिक्षण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के माध्यम से विद्यार्थी पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
28 दिनों के उन्नत प्रशिक्षण के दौरान ग्लेशियर क्षेत्र में अभ्यास करना, कम तापमान में रहना, ऊंचे शिखर का आरोहण करना और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करना दोनों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
उनकी सफलता से विद्यालय परिवार और एनसीसी इकाई में उत्साह है। साथ ही, यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी साहसिक खेलों, शारीरिक प्रशिक्षण और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है।


