माइनस 20 डिग्री तापमान और बर्फबारी के बीच पर्वतारोहियों ने फतह की भागीरथी-टू चोटी, 10 दिन में 6 पर्वतारोहियों ने पूरा किया अभियान
उत्तरकाशी, उत्तराखंड। उत्तराखंड के पर्वतारोहण क्षेत्र से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रदेश के युवाओं को पर्वतारोहण के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित अभियान के तहत छह पर्वतारोहियों ने गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में स्थित भागीरथी-टू चोटी का सफल आरोहण किया। समुद्रतल से लगभग 6,512 मीटर यानी 21,365 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस चोटी तक पहुंचने के लिए पर्वतारोहियों को भारी बर्फबारी, माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान और पानी की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। तमाम चुनौतियों के बावजूद दल ने 10 दिनों में अपना अभियान पूरा किया। यह अभियान उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से आयोजित किया गया था, जबकि इसका संचालन इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन (आईएमएफ) ने किया।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने आयोजित किया पर्वतारोहण अभियान
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से प्रदेश के युवाओं को पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें हिमालय की ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विशेष अभियान आयोजित किया गया। इसके तहत प्रदेश की तीन प्रमुख चोटियों—भागीरथी-टू, स्वर्गारोहिणी और पंचाचुली—के आरोहण की योजना बनाई गई।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
इस अभियान का संचालन इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन को सौंपा गया। अभियान का उद्देश्य युवाओं को पर्वतारोहण के व्यावहारिक अनुभव से परिचित कराना और कठिन हिमालयी परिस्थितियों में उनकी क्षमताओं को विकसित करना था।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
अभियान के तहत पर्वतारोहियों के दल ने गंगोत्री धाम से अपनी यात्रा शुरू की। पर्वतारोहियों को रास्ते में बदलते मौसम, बर्फ से ढके दुर्गम मार्गों और बेहद कम तापमान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
पांच अक्तूबर को गंगोत्री धाम से रवाना हुआ था 12 सदस्यीय दल
अभियान के टीम लीडर और पर्वतारोही दशरथ रावत ने बताया कि 12 सदस्यीय दल ने पांच अक्तूबर को गंगोत्री धाम से अभियान की शुरुआत की थी। दल का लक्ष्य निर्धारित पर्वतीय मार्ग से आगे बढ़ते हुए भागीरथी-टू चोटी तक पहुंचना था।
रावत के अनुसार, गोमुख पहुंचने के बाद ही दल को बर्फबारी का सामना करना पड़ा। आगे का रास्ता कठिन होता चला गया और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने अभियान को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
बर्फबारी के कारण पर्वतारोहियों को रास्ते में कई तरह की परेशानियां हुईं। इसके बावजूद टीम ने सावधानीपूर्वक आगे बढ़ना जारी रखा और निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रयास किए।
माइनस 20 डिग्री तापमान में बर्फ पिघलाकर जुटाया पीने का पानी
अभियान के दौरान पर्वतारोहियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक पानी की उपलब्धता रही। टीम लीडर दशरथ रावत ने बताया कि मार्ग में कई स्थानों पर पानी नहीं मिल पाया। ऐसी स्थिति में दल को बर्फ पिघलाकर पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ी।
इसके अलावा माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान और लगातार बर्फबारी के बीच आगे बढ़ना भी आसान नहीं था। इतनी ऊंचाई पर कम तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पर्वतारोहियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
दल ने सभी चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी यात्रा जारी रखी। कठिन मौसम के बावजूद पर्वतारोहियों ने आपसी तालमेल और अनुशासन के साथ अभियान को आगे बढ़ाया।
13 अक्तूबर को दोपहर 2:10 बजे हासिल की सफलता
लगातार प्रयासों के बाद पर्वतारोहियों ने 13 अक्तूबर को भागीरथी-टू चोटी का सफल आरोहण किया। टीम लीडर दशरथ रावत के मुताबिक, दल दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर समुद्रतल से 6,512 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चोटी पर पहुंचा।
करीब 21,365 फीट की ऊंचाई तक पहुंचना दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। अभियान को पूरा करने में लगभग 10 दिन लगे। इस दौरान पर्वतारोहियों को खराब मौसम, बर्फबारी, कम तापमान और पानी की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
टीम की सफलता ने यह भी दिखाया कि ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में पर्वतारोहण के लिए शारीरिक क्षमता के साथ-साथ धैर्य, सावधानी, अनुशासन और टीमवर्क की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
अभियान में शामिल रहे बिहारी राणा, सूर्यप्रकाश चौहान और गौरव-अमित
इस पर्वतारोहण अभियान में छह पर्वतारोहियों ने भागीरथी-टू चोटी का सफल आरोहण किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दल में बिहारी राणा, सूर्यप्रकाश चौहान, गौरव और अमित सहित अन्य पर्वतारोही शामिल थे। अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही दशरथ रावत ने किया।
12 सदस्यीय दल ने पांच अक्तूबर को गंगोत्री धाम से यात्रा शुरू की थी। अभियान के दौरान दल के सदस्यों ने कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे का सहयोग किया और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए मिलकर काम किया।
युवाओं को पर्वतारोहण के लिए प्रोत्साहित करने की पहल
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से आयोजित यह अभियान प्रदेश में पर्वतारोहण को बढ़ावा देने की पहल का हिस्सा है। उत्तराखंड में हिमालय की अनेक ऊंची चोटियां मौजूद हैं, जो पर्वतारोहण के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुभव और साहसिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं।
इस तरह के अभियान युवाओं को पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौतियों को समझने और पर्वतारोहण के व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर देते हैं। हालांकि, ऊंचाई पर चढ़ाई के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण, उचित उपकरण, मौसम की जानकारी और सुरक्षा संबंधी तैयारियां बेहद जरूरी होती हैं।
भागीरथी-टू चोटी का यह सफल आरोहण भीषण ठंड और बर्फबारी के बीच दल के प्रयासों का परिणाम रहा। अब अभियान के तहत निर्धारित अन्य चोटियों—स्वर्गारोहिणी और पंचाचुली—के आरोहण कार्यक्रम भी इस पहल का हिस्सा हैं।


