देहरादून प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा: तहसील का बिचौलिया और उसका साथी गिरफ्तार, कई लोग जांच के घेरे में
देहरादून: प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तहसील का एक बिचौलिया और उसका साथी शामिल है, जो मोबाइल की दुकान चलाता है। पुलिस के अनुसार, तहसील के बिचौलिए ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर प्रमाणपत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट लगवाई थी। इस मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस की जांच में कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई की जा सकती है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, मामले में रायपुर और क्लेमेंटटाउन थाने में 13 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान एक छात्रा के पिता अरविंद और मेरठ के दलाल रूपेश पंडित को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के आधार पर मध्य प्रदेश निवासी धीरज कुमार श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में धीरज ने बताया कि उसने तीनों छात्राओं के प्रमाणपत्र एक ऐसे व्यक्ति से बनवाए थे, जो तहसील में अपनी अच्छी पहुंच होने का दावा करता था। इसी जानकारी के आधार पर एसआईटी ने जांच आगे बढ़ाई और प्रिंस चौक स्थित मोबाइल की दुकान चलाने वाले गिरीश सिंह तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, गिरीश मूल रूप से पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट का रहने वाला है और वर्तमान में टपकेश्वर कॉलोनी, कैंट क्षेत्र में रहता है। पूछताछ में उसने बताया कि एक व्यक्ति ने उससे तीन छात्राओं के मूल निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए संपर्क किया था।
इसके बाद गिरीश ने द्वारिका स्टोर के पास रहने वाले संजय से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, संजय ही वह बिचौलिया है, जिसने तहसील में अपनी पहुंच होने की बात कही थी। संजय के माध्यम से प्रमाणपत्रों की सत्यापन रिपोर्ट लगवाई गई। पुलिस ने बताया कि गिरीश और संजय पिछले करीब 19 वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं।
एसएसपी के मुताबिक, आरोपियों ने प्रमाणपत्र तैयार कराने के लिए अच्छी-खासी रकम ली थी। अब पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

