नगरासू गुरुद्वारा विवाद: 27 घंटे बाद शांत हुआ गतिरोध, सेवादार को किया गया मुक्त

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से शुरू हुआ विवाद करीब 27 घंटे बाद शांत हो गया। हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ निहंग सिखों ने गुरुद्वारे में हंगामा किया और गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग को लेकर परिसर में डटे रहे।

जिला प्रशासन और निहंगों के बीच रविवार को तीन दौर की वार्ता हुई। शुरुआत में बातचीत का कोई समाधान नहीं निकला, लेकिन देर शाम हुई वार्ता के बाद निहंग मान गए। इसके बाद बंधक बनाए गए सेवादार नवतेज सिंह को मुक्त कर दिया गया। एक निहंग अकाल सिंह भी नीचे आ गए, जबकि शेष निहंगों से प्रशासन की बातचीत जारी रही।

पूरे घटनाक्रम के दौरान गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस तथा अन्य सुरक्षा बल तैनात रहे। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किए।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दीं, जिससे क्षेत्र में संचार व्यवस्था प्रभावित रही। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारण पर भी रोक लगाई गई।

गुरुद्वारे के प्रबंधक बाबा बेहंत सिंह के अनुसार, निहंगों ने गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, पेयजल आपूर्ति बाधित कर दी और पत्थरबाजी की, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। उन्होंने बताया कि निहंगों को शांतिपूर्वक नीचे उतरने और सुरक्षित पंजाब भेजने का प्रस्ताव भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।

घटनाक्रम संक्षेप में

  • शनिवार शाम सात निहंग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों पर चढ़ गए।
  • प्रवेश मार्गों को सामान रखकर अवरुद्ध किया गया।
  • रातभर तनाव, नारेबाजी और पत्थरबाजी की घटनाएं होती रहीं।
  • सीसीटीवी कैमरे और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
  • पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की।
  • रविवार देर शाम प्रशासन और निहंगों के बीच सहमति बनने के बाद गतिरोध समाप्त हुआ।

प्रशासन ने पूरे मामले पर नजर बनाए रखी और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रखी।

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