देहरादून में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, दोषियों को होगी जेल

देहरादून: जिले में एलपीजी गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी (डीएम) सविन बंसल ने गैस एजेंसियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस वितरण में पहली प्राथमिकता दी जाए। यदि किसी एजेंसी पर गैस की अनियमितता, अवैध भंडारण या ब्लैक मार्केटिंग पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एजेंसी को सील किया जा सकता है और जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाएगा।

डीएम ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी अब ओटीपी आधारित प्रणाली से की जाएगी ताकि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और गड़बड़ियों पर नियंत्रण किया जा सके। यदि ऑनलाइन बुकिंग में कोई तकनीकी समस्या आती है तो गैस एजेंसियां अपने संपर्क नंबर जारी कर मैन्युअल बुकिंग की व्यवस्था भी करेंगी। एक बार बुकिंग होने के बाद अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही की जा सकेगी।

प्रशासन ने जिले की सभी 72 गैस एजेंसियों के गोदामों को निगरानी में रखा है। जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कंट्रोल रूम में ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर गैस स्टॉक, वितरण और शिकायतों की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा सभी उप जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की अचानक जांच करें।

घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर भी सख्ती की जाएगी। होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल होने पर उसे तुरंत जब्त किया जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इसके लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

गैस से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए आपदा कंट्रोल रूम में एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है। नागरिक 1077, 0135-2626066, 0135-2726066 नंबरों पर कॉल कर सकते हैं या 7534826066 व्हाट्सएप नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

देहरादून जिले में लगभग 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ता और करीब 19,624 व्यावसायिक उपभोक्ता हैं, जिन्हें 72 गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस आपूर्ति की जाती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान दें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

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