हरिद्वार में बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, छह आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार। कनखल क्षेत्र से तीन वर्षीय बच्ची के अपहरण के मामले में पुलिस ने 72 घंटे के भीतर एक अंतर्राज्यीय बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा अपहृत बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने दिल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए एक अन्य डेढ़ वर्षीय बच्चे को भी सुरक्षित बचा लिया।

प्रेस वार्ता में Navneet Singh Bhullar ने बताया कि छह जून को कनखल के बैरागी कैंप क्षेत्र से तीन वर्षीय बच्ची के अपहरण की सूचना मिलने के बाद विशेष पुलिस और सीआईयू टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाली, मोबाइल डाटा का विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह बच्चों का अपहरण कर उन्हें दो से पांच लाख रुपये तक में निसंतान दंपतियों को बेचता था। पुलिस की दबिश से घबराकर गिरोह के सदस्य अपहृत बच्ची को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए, जहां से पुलिस ने उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से डेढ़ वर्षीय बच्चे का भी अपहरण किया था। आरोपियों ने उस बच्चे को उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया और संबंधित जानकारी दिल्ली पुलिस को सौंप दी।

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्यों के बीच काम बंटा हुआ था। कुछ सदस्य बच्चों की रेकी और अपहरण करते थे, जबकि अन्य उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर खरीदार ढूंढ़ते थे। आरोपी बच्चों को अपना या अनाथ बताकर निसंतान दंपतियों को बेच देते थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य बच्चों की कीमत तय करने और सौदे कराने का काम करते थे।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मानव तस्करी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है।

यह कार्रवाई मानव तस्करी और बच्चा चोरी जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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