लैंसडौन में यात्रियों के लिए बना मुसाफिरखाना बना गोदाम, पर्यटक और अग्निवीर परेशान

लैंसडौन, 22 जून 2026: लैंसडौन में छावनी परिषद द्वारा यात्रियों के विश्राम के लिए बनाए गए मुसाफिरखाने का उपयोग इन दिनों गोदाम के रूप में किए जाने से पर्यटकों और अग्निवीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। होटल और रिजॉर्ट्स में कमरे नहीं मिलने की स्थिति में कई लोगों को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही है।

गर्मी के मौसम में लैंसडौन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसके अलावा हाल ही में सेना में भर्ती हुए अग्निवीर भी नियुक्ति पत्र लेने के लिए यहां आ रहे हैं। बढ़ती भीड़ के कारण होटल और रिजॉर्ट्स में कमरों की भारी कमी हो गई है।

गांधी चौक (छोटा परेड ग्राउंड) क्षेत्र में स्थित यह यात्री शेड मूल रूप से यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के उद्देश्य से बनाया गया था। वर्ष 2013-14 में सांसद निधि से इसका पुनर्निर्माण कराया गया और 2015 में नया शेड तैयार हुआ।

वर्ष 2022 में इस भवन का उपयोग पर्यटन पुलिस चौकी के रूप में किया गया था। बाद में 2025 में छावनी परिषद ने इसे यह कहते हुए खाली कराया कि इसका उपयोग फिर से यात्रियों की सुविधा के लिए किया जाएगा। हालांकि वर्तमान में यहां निर्माण सामग्री, विशेषकर सीमेंट के बैग रखे गए हैं और यह गोदाम की तरह इस्तेमाल हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार परिसर में आवारा कुत्तों का भी जमावड़ा बना रहता है।

छावनी परिषद के सहायक अभियंता आनंद दास ने बताया कि परिषद क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्य चल रहे हैं और यात्री शेड में भी मरम्मत का कार्य प्रस्तावित है। इसी कारण अस्थायी रूप से वहां निर्माण सामग्री रखी गई है।

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का कहना है कि पर्यटन सीजन और अग्निवीरों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए मुसाफिरखाने को उसके मूल उद्देश्य के लिए शीघ्र उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को बुनियादी विश्राम सुविधा मिल सके।

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