धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर जल्द चमकेगा उझूली महादेव मंदिर, 10 लाख रुपये से होगा भव्य सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के पौराणिक और धार्मिक महत्व वाले मंदिरों को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भिकियासैंण विकासखंड स्थित प्राचीन उझूली महादेव मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। मंदिर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। शासन से बजट अवमुक्त होने के बाद अब विकास कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

उझूली महादेव मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है, जबकि सावन के महीने, महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख धार्मिक पर्वों पर बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की धार्मिक महत्ता को देखते हुए इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की पहल की गई है।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से 10 लाख रुपये की लागत से मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा, जिससे मंदिर का स्वरूप पहले से अधिक आकर्षक और भव्य दिखाई देगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में तीन टिन शेड और एक कक्ष का निर्माण भी प्रस्तावित है।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

इन सुविधाओं के विकसित होने से मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और अन्य आयोजनों का संचालन पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हो सकेगा। विशेष रूप से धार्मिक पर्वों और मेलों के दौरान मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलेगा। टिन शेड और अतिरिक्त कक्ष बनने से श्रद्धालुओं को बैठने तथा धार्मिक गतिविधियों के आयोजन के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा।

इस योजना का उद्देश्य केवल मंदिर का सौंदर्यीकरण करना ही नहीं, बल्कि उझूली महादेव मंदिर को धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान दिलाना भी है। मंदिर के विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन कारोबार को भी गति मिल सकती है।

केएमवीएन के अवर अभियंता नीरज सिंह नयाल के अनुसार मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 10 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही प्रस्तावित विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू करा दिए जाएंगे।

इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में उझूली महादेव मंदिर धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाएगा और क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी।

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