महिला काश्तकारों को मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण
सहायक मधुमक्खी विकास निरीक्षक यशोदा रावत ने मौन वंशों की विशेषताओं और बेहतर वंश के चयन की जानकारी दी। उन्होंने मधुमक्खियों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए अच्छे वंश के चयन को महत्वपूर्ण बताया।
कीटविद् इंद्र सिंह बिष्ट ने प्रतिभागियों को मौन गृह प्रबंधन, स्वच्छता और मधुमक्खियों की उचित देखभाल के बारे में बताया। उन्होंने मधुमक्खियों के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने और मौन गृह की नियमित निगरानी के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान महिला काश्तकारों को मधु की परिपक्वता पहचानने तथा वैज्ञानिक तरीके से मधु निष्कासन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य काश्तकारों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर मधुमक्खी पालन को अधिक लाभकारी बनाना है।
इस अवसर पर सुनील कुमार गुप्ता, मोहन सिंह रौतेला, पुरुषोत्तम बड़ोनी और उमेश चंद्र बिष्ट समेत केंद्र के कर्मचारी मौजूद रहे।

