विदेशों तक पहुंचा ‘पिस्यू लूण’, शशि रतूड़ी को मिला 20 लाख रुपये का अनुदान

काशीपुर, 24 जून 2026। उत्तराखंड की उद्यमी Shashi Bahuguna Raturi ने पारंपरिक पहाड़ी उत्पाद पिस्यू लूण को देश-विदेश में पहचान दिलाई है। उनके स्टार्टअप को IIM Feed की ओर से 20 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है, जिसकी पहली किस्त के रूप में 10 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। यह सहायता Ministry of Agriculture and Farmers Welfare की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्रदान की गई है।

मूल रूप से Tehri Garhwal की रहने वाली शशि रतूड़ी ने अपने पारंपरिक उत्पाद को एक सफल ब्रांड का रूप दिया। उनका उत्पाद “पिस्यू लूण” यानी सिलबट्टे पर पिसा हुआ मसालेदार नमक आज देश ही नहीं, विदेशों में भी लोकप्रिय हो रहा है। उनके व्यवसाय का वार्षिक कारोबार लाखों रुपये तक पहुंच चुका है।

शशि रतूड़ी के बेटे Abhay Raturi ने बताया कि वर्ष 2018 में उन्होंने अपनी मां को उद्यमी बनाने का निर्णय लिया। इसी उद्देश्य से “नमकवाली” नाम से सोशल मीडिया पेज शुरू किया गया, जिसे लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला और ऑर्डर आने लगे। वर्ष 2020 में वेबसाइट शुरू की गई और उत्पादों की बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से भी शुरू हुई। इसके बाद पिस्यू लूण की मांग विदेशों तक पहुंच गई।

क्या है पिस्यू लूण?

पिस्यू लूण एक पारंपरिक पहाड़ी नमक मिश्रण है, जिसे सिलबट्टे या पत्थर पर पीसकर तैयार किया जाता है। इसमें नमक के साथ पुदीना, धनिया, हल्दी, अदरक, लहसुन और मिर्च जैसे प्राकृतिक मसाले मिलाए जाते हैं। इसे पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है और यह पेट की एसिडिटी कम करने में भी सहायक माना जाता है।

शशि रतूड़ी के ब्रांड के अंतर्गत 20 से अधिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिनमें पिस्यू लूण, पहाड़ी शहद, हल्दी, गाय का घी, चटनी पाउडर और विभिन्न प्रकार की दालें शामिल हैं। यह सफलता उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

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