भीख के लालच में सात माह के मासूम का अपहरण, चार दिन बाद पुलिस ने सकुशल बरामद किया

रुड़की। हरिद्वार जिले के कलियर दरगाह क्षेत्र से अपहृत सात माह के मासूम को पुलिस ने चार दिन की तलाश के बाद सकुशल बरामद कर लिया। मामले में गिरफ्तार एक दिव्यांग महिला और उसके साथी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्होंने अधिक भीख पाने के लालच में बच्चे का अपहरण किया था।

पुलिस के अनुसार, सात जून को बच्चे की नानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका सात माह का नाती दरगाह परिसर से अचानक लापता हो गया है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बच्चे की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कीं।

जांच के दौरान पुलिस ने दरगाह परिसर, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्ध महिला की बैसाखियों और बच्चे के दोनों हाथों में छह-छह उंगलियां होने की पहचान के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

बृहस्पतिवार को पुलिस ने लक्सर रेलवे स्टेशन के पास एक दिव्यांग महिला को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए पकड़ा। मौके से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और महिला के साथ उसके साथी समीर उर्फ सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने करीब एक सप्ताह तक बच्चे और उसकी मां की गतिविधियों पर नजर रखी थी। इसके बाद सुनियोजित तरीके से बच्चे का अपहरण किया गया। आरोपी महिला ने बताया कि वह पोलियो से प्रभावित है और भीख मांगकर जीवनयापन करती है। उसने देखा था कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वालों को अधिक पैसे मिलते हैं, इसलिए उसने अपने साथी के साथ मिलकर बच्चे का अपहरण करने की साजिश रची।

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण Shekhar Chandra Suyal ने बताया कि बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह घटना समाज में बढ़ते लालच और मासूम बच्चों के प्रति अपराधों की गंभीरता को उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।

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