माणा गांव में सरस्वती नदी बनी रोजगार का साधन, युवाओं की हो रही लाखों की कमाई
चमोली। बदरीनाथ धाम के निकट स्थित Mana Village, जिसे देश का पहला गांव कहा जाता है, वहां की पवित्र सरस्वती नदी स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है। चारधाम यात्रा सीजन के दौरान गांव के युवा और महिलाएं सरस्वती नदी का जल श्रद्धालुओं को बेचकर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
भीम पुल से लेकर सतोपंथ ट्रैक तक कई स्थानों पर स्थानीय लोग नदी का जल छोटे-बड़े डिब्बों में भरकर बेचते हैं। इन डिब्बों की कीमत 20 रुपये से 300 रुपये तक होती है। श्रद्धालु इस जल को पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और घर में शुभ कार्यों के लिए अपने साथ ले जाते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यात्रा सीजन लगभग छह महीने चलता है और इस दौरान गांव के 20 से अधिक परिवार इसी कार्य से अपनी आजीविका चलाते हैं। एक परिवार पूरे सीजन में दो से तीन लाख रुपये तक की कमाई कर लेता है।

