उत्तराखंड में शराब की बोतलों पर लगेगा सेस, कचरा प्रबंधन के लिए सरकार की नई तैयारी

उत्तराखंड ।उत्तराखंड  सरकार प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए शराब की बोतलों पर नया सेस लगाने की तैयारी कर रही है। शहरी विकास विभाग ने प्रति शराब बोतल एक रुपये का सेस लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस राशि का उपयोग राज्य के सभी 108 नगर निकायों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था सुधारने में किया जाएगा।

प्रदेश में बढ़ते कचरे और उसके निस्तारण की समस्या को देखते हुए सरकार यह कदम उठाने जा रही है। वर्तमान में उत्तराखंड में रोजाना करीब 2100 टन से अधिक ठोस अपशिष्ट निकलता है, जबकि इसका केवल 40 से 45 प्रतिशत ही वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधित हो पाता है। राज्य में 60 से अधिक डंपिंग साइटों पर लगभग 23 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा जमा है।

शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश कुमार झा ने बताया कि निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और इसके रोजमर्रा के खर्चों के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे जल्द ही मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नगर निकायों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाना है।

फिलहाल उत्तराखंड सरकार शराब की प्रत्येक बोतल पर तीन रुपये का सेस वसूलती है। इसमें एक रुपया गो सेवा, एक रुपया महिला कल्याण और एक रुपया खेल गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाता है। अब शहरी विकास विभाग के लिए एक अतिरिक्त रुपया जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त राजस्व से खासकर पर्वतीय और संसाधन-विहीन क्षेत्रों में कचरा एकत्र करने और उसके निस्तारण की व्यवस्था बेहतर की जा सकेगी।

Leave a Reply