उत्तराखंड में हिमस्खलन का खतरा, ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचें
देहरादून:
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हिमस्खलन (एवलांच) को लेकर चेतावनी जारी की गई है। रक्षा भू-वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान (DGRE) ने राज्य के कई जिलों में खतरे की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन जिलों में अधिक खतरा:
जारी बुलेटिन के अनुसार
- उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्तर-2 (मध्यम खतरा) घोषित किया गया है। यहां छोटे हिमस्खलन की संभावना बनी हुई है।
- वहीं रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों के लिए स्तर-1 (कम खतरा) बताया गया है।
क्या बरतें सावधानी:
विशेषज्ञों ने लोगों, खासकर पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे ऊंचाई वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
मौसम का बदला मिजाज:
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में मौसम लगातार बदल रहा है।
- कई जिलों में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
- 27 मार्च तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रह सकता है।
तापमान में गिरावट:
देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया, जबकि पहाड़ी इलाकों में तापमान में और ज्यादा गिरावट देखने को मिली है।

