फरार बिल्डर दंपती के खिलाफ ईडी ने दर्ज की एफआईआर, जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई

देहरादून।    देहरादून  में निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी गर्ग के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब इस मामले में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोपों की जांच की जाएगी। सूत्रों के अनुसार ईडी जल्द ही इस केस में बड़ी कार्रवाई कर सकती है।

शाश्वत गर्ग देहरादून में दो आवासीय परियोजनाएं विकसित कर रहा था। इनमें एक राजपुर क्षेत्र की हिलॉक्स हाउसिंग सोसाइटी और दूसरी थानो रोड स्थित इंपीरियल वैली परियोजना शामिल है। इन प्रोजेक्ट्स के नाम पर उसने निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए और निर्माण कार्य भी शुरू कराया, लेकिन फ्लैट हैंडओवर करने के बजाय वह एक सुनियोजित साजिश के तहत शहर छोड़कर फरार हो गया।

बताया गया कि शाश्वत गर्ग 16 अक्तूबर को अपनी ससुराल हापुड़ गया था और शाम को देहरादून लौटने की बात कहकर निकला, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं आया। बाद में उसकी गाड़ियां हरिद्वार की पार्किंग में खड़ी मिलीं। पत्नी के भाइयों द्वारा हापुड़ कोतवाली पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद मामले की गंभीरता सामने आई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह पूरा घटनाक्रम लेनदेन और निवेशकों की रकम से जुड़ा हुआ है।

निवेशकों की शिकायत पर राजपुर थाने में शाश्वत गर्ग, साक्षी गर्ग, उसके दोनों भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी प्राथमिकी को आधार बनाते हुए अब ईडी ने भी मामला दर्ज कर लिया है। एजेंसी दंपती के बैंक खातों, पुराने लेनदेन और संपत्तियों की गहन जांच करेगी। संभावना जताई जा रही है कि पुष्पांजलि बिल्डर मामले की तर्ज पर संपत्तियों की कुर्की भी की जा सकती है।

अब तक की प्रमुख कार्रवाइयां

  • रेरा ने शाश्वत गर्ग के दोनों प्रोजेक्ट्स की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है।

  • रेरा के निर्देश पर बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।

  • पुलिस ने दंपती के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कराया है।

  • क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने दोनों के पासपोर्ट निरस्त कर दिए हैं।

एसआईटी कर रही है जांच

इस प्रकरण की जांच के लिए गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है। पिछले करीब दो महीनों से एसआईटी द्वारा मामले की जांच की जा रही है, जिसमें दंपती के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल जारी है।

Leave a Reply