बदरीनाथ में 45 बेड का आधुनिक अस्पताल तैयार, पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

चमोली। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को जल्द अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की सौगात मिलने जा रही है। बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत बन रहा 45 बेड का चार मंजिला आधुनिक अस्पताल अब निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है। अस्पताल को सब जिला अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां गंभीर मरीजों के उपचार से लेकर ऑपरेशन तक की सुविधा उपलब्ध होगी।

अस्पताल में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल के लिए आवश्यक आधुनिक मशीनें भी पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। मरीजों और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए भवन में लिफ्ट की व्यवस्था भी की गई है।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कार्यदायी संस्था को 31 अगस्त तक अस्पताल भवन का निर्माण हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि निर्माण और उपकरणों की स्थापना का कार्य समय पर पूरा कर अस्पताल का संचालन जल्द शुरू किया जा सके।

अक्तूबर में पीएम मोदी के दौरे की चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्तूबर में बदरीनाथ धाम पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित बताया जा रहा है। संभावित दौरे को देखते हुए शासन-प्रशासन से लेकर पीएमओ स्तर तक तैयारियां किए जाने की बात सामने आई है। इसी दौरान आधुनिक अस्पताल का उद्घाटन किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

हालांकि जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री के बदरीनाथ दौरे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। वहीं, सीएमओ डॉ. राजीव पाल के अनुसार प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को ध्यान में रखते हुए अस्पताल भवन और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से संबंधित कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

बदरीनाथ धाम में चारधाम यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र होने के कारण यहां यात्रियों को सांस लेने में परेशानी, ऑक्सीजन की कमी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गंभीर मरीजों को कई बार बेहतर उपचार के लिए निचले क्षेत्रों में रेफर करना पड़ता है।

नया आधुनिक अस्पताल शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को प्राथमिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं बदरीनाथ धाम में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे आपात स्थिति में उपचार मिलने में लगने वाला समय कम होगा और चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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