उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी, धामी कैबिनेट ने लिए आठ अहम फैसले
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र में हुए विमान हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद कैबिनेट में कुल आठ प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत नेता अजीत पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान हो।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं—
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चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग: जिन स्वास्थ्य कर्मियों ने पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें आपसी सहमति से जिले के भीतर स्थानांतरण की सुविधा मिलेगी।
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राजस्व विभाग: भूमि अधिग्रहण के अलावा अब आपसी सहमति से सीधे भूमि स्वामियों से जमीन खरीदी जा सकेगी।
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सिडकुल: पराग फार्म की भूमि सिडकुल को दी गई थी। इस भूमि को न तो बेचा जा सकेगा और न ही पट्टे पर दिया जाएगा, हालांकि सिडकुल सब-लीज कर सकेगी।
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जनजाति कल्याण विभाग: देहरादून और ऊधमसिंह नगर सहित चार जिलों में जनजातीय कल्याण अधिकारी के नए पद स्वीकृत किए गए।
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जल संसाधन: उत्तराखंड में गैर-कृषि कार्यों, औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसाइटियों में जल मूल्य प्रभार लागू होगा। भूमिगत जल के व्यावसायिक उपयोग पर शुल्क देना होगा।
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शिक्षा: उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत जीआरडी विश्वविद्यालय को उत्तराखंड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलेगा। इससे संबंधित अध्यादेश आगामी बजट सत्र में विधानसभा में लाया जाएगा।
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हवाई पट्टी: चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को सौंपने पर सहमति बनी। दोनों हवाई पट्टियां संयुक्त संचालन में रहेंगी।
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ग्रीन एनर्जी: राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत दी जाने वाली सब्सिडी पर निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।

