आपसी समन्वय से गंदे पानी की समस्या का समाधान करेंगे विभाग

हल्द्वानी।   हल्द्वानी  में गंदे और मटमैले पानी की आपूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त दीपक रावत ने जल संस्थान, सिंचाई विभाग और जमरानी बांध परियोजना के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहरवासियों को हर हाल में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

मंडलायुक्त ने कहा कि जमरानी बांध और बलियानाला परियोजनाएं दीर्घकालीन हैं, इसलिए इनके निर्माण कार्य इस तरह से कराए जाएं कि गौला नदी का पानी मटमैला न हो। बुधवार को कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने गौला नदी के पानी के गंदा होने और उसी पानी की आपूर्ति की शिकायतों पर अधिकारियों से जवाब तलब किया।

अधिकारियों ने बताया कि कुछ समय पहले जमरानी बांध के निर्माण कार्यों के कारण गौला नदी का पानी मटमैला हो रहा था, लेकिन अब वहां स्थिति सामान्य है। वर्तमान में बलियानाले के निर्माण कार्यों के चलते नदी का पानी गंदा हो रहा है।

जल संस्थान के अधिकारियों ने जानकारी दी कि मटमैले पानी को साफ करने के लिए शीशमहल फिल्टर प्लांट में हर घंटे 18 से 20 सिल्लियां फिटकरी डाली जा रही हैं और पानी को शुद्ध करने के बाद ही आपूर्ति की जा रही है। बैठक में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ला, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल सक्सेना, जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक महेश कुमार खरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

फिल्टर प्लांट के सीसीटीवी खराब मिलने पर आयुक्त नाराज

बैठक से पहले मंडलायुक्त दीपक रावत ने शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि फिल्ट्रेशन में सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही क्लोरीन और फिटकरी का प्रयोग नियमानुसार करने तथा पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान फिल्टर प्लांट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब पाए जाने पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई और तत्काल कैमरे ठीक कराने के साथ अतिरिक्त कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए।

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