बदरीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद बड़ा एक्शन: यूकाडा ने ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर लगाई रोक, जांच पूरी होने तक नहीं भर सकेंगे उड़ान
देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से लौट रहे ट्रांस भारत एविएशन के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने बड़ा कदम उठाया है। हादसे के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूकाडा ने ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर तत्काल रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद कंपनी के हेलीकॉप्टर फिलहाल उत्तराखंड में उड़ान नहीं भर सकेंगे।
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रतीक जैन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बदरीनाथ से सहस्रधारा के लिए रवाना हुआ ट्रांस भारत एविएशन का एक हेलीकॉप्टर जोशीमठ घाटी के आसपास से गुजरने के बाद संपर्क से बाहर हो गया था। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और संबंधित बचाव एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया।
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दोपहर 1:14 बजे बदरीनाथ से भरी थी उड़ान
यूकाडा के सीईओ प्रतीक जैन के मुताबिक, ट्रांस भारत एविएशन का संबंधित हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजकर 14 मिनट पर बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा के लिए रवाना हुआ था। निर्धारित मार्ग पर उड़ान भरते हुए जब हेलीकॉप्टर जोशीमठ घाटी के आसपास पहुंचा, उसके बाद उसका संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
हेलीकॉप्टर से संपर्क टूटने के बाद संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उसकी लोकेशन का पता लगाने और उसमें सवार लोगों की जानकारी जुटाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए गए।
छह लोग थे हेलीकॉप्टर में सवार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में कुल छह लोग सवार थे। इनमें एक पायलट और पांच यात्री शामिल थे। हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से श्रद्धालुओं को लेकर देहरादून लौट रहा था।
हादसे की सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव कार्य के लिए चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना की टीम को घटनास्थल के आसपास भेजा गया। इसके अलावा पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
यूकाडा ने सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर लगाई रोक
हादसे की गंभीरता को देखते हुए यूकाडा ने ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलीकॉप्टरों के संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया। सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि कंपनी के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ान रोक दी गई है।
इस फैसले को विमानन सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुर्घटना के बाद कंपनी के अन्य हेलीकॉप्टरों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की जांच किए जाने की आवश्यकता है। हालांकि, उड़ानों पर रोक कितने समय तक जारी रहेगी, इस संबंध में आगे की जानकारी जांच और आधिकारिक निर्णय के बाद सामने आएगी।
जिला प्रशासन और सेना ने संभाला मोर्चा
हेलीकॉप्टर से संपर्क टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बचाव अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय शुरू किया। चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना की टीमों को घटनास्थल के आसपास भेजा गया, ताकि हेलीकॉप्टर की स्थिति का पता लगाया जा सके और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।
जोशीमठ घाटी का पहाड़ी इलाका और मौसम की परिस्थितियां बचाव अभियान के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई थीं।
हादसे की जांच के बाद सामने आएंगे कारण
बदरीनाथ धाम से सहस्रधारा लौटते समय हुए इस हादसे ने उत्तराखंड में संचालित हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में विमान की तकनीकी स्थिति, मौसम और उड़ान संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों की जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
फिलहाल यूकाडा की ओर से ट्रांस भारत एविएशन के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर रोक लगा दी गई है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
बदरीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे के बाद लिया गया यह फैसला उत्तराखंड की हवाई सेवाओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम कदम है। अब सभी की नजर हादसे की जांच और ट्रांस भारत एविएशन के हेलीकॉप्टरों पर लगी रोक को लेकर प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है।


