उत्तरकाशी: आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाओं के स्टॉक की रोजाना जांच के निर्देश
उत्तरकाशी। सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा तथा आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद रंजना राजगुरु ने जनपद भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाओं के स्टॉक की प्रतिदिन जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति और राजस्व संबंधी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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अस्पताल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान सचिव ने राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाओं के स्टॉक, चिकित्सकों की संख्या, दैनिक ओपीडी और मरीजों से मिले फीडबैक के आधार पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने दवाओं की नियमित जांच के साथ अस्पताल में साफ-सफाई बनाए रखने और आयुर्वेदिक उपचार व पंचकर्म सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
उन्होंने अस्पताल के पुरुष एवं महिला पंचकर्म कक्षों, वार्डों, योग कक्ष और ओपीडी का निरीक्षण किया। साथ ही अस्पताल में कैंटीन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने पर जोर
इसके बाद जिला सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव ने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण, एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा निर्माणाधीन भवनों की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने सरकारी कामकाज में ई-ऑफिस और डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को निर्धारित समयसीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
सचिव ने विभिन्न प्रमाणपत्र जारी करते समय संबंधित दस्तावेजों की जांच में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


