पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा रुड़की का आरोपी मुशर्रफ, पूछताछ में किए कई खुलासे
रुड़की: पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए रुड़की के ढंढेरा निवासी मुशर्रफ ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। बताया जा रहा है कि मुशर्रफ केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी का काम करता था।
सूत्रों के अनुसार, मुशर्रफ 12 मई को मसूरी के कैंपटी गांव पहुंचा था, जहां वह एक ठेकेदार के पास वेल्डिंग का काम कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि पहले उसने कारपेंटर का काम सीखा और बाद में वेल्डिंग करने लगा। उसका एक भाई बाइक मिस्त्री का काम सीख रहा है, जबकि पिता गांव में चिनाई मिस्त्री हैं।
लुधियाना में हुई थी महकाब से दोस्ती
मुशर्रफ ने बताया कि उसकी मुलाकात सहारनपुर के ढिक्का कलां गांव निवासी महकाब से लुधियाना में काम के दौरान हुई थी। महकाब एक कार कंपनी में वेल्डिंग का ठेका संभाल रहा था। साथ काम करते-करते दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई।
पूछताछ में मुशर्रफ ने मोबाइल में सेव पाकिस्तानी नंबर के बारे में भी जानकारी दी। उसका कहना है कि यह नंबर महकाब ने ही उसके फोन में सेव किया था। एटीएस अब इस दावे की गंभीरता से जांच कर रही है।
अस्पताल को बम से उड़ाने की बात का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, मुशर्रफ ने एटीएस को बताया कि वह जालंधर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक अस्पताल में वेल्डिंग का काम करने गया था। वहां उसके साथ काम कर रहे एक युवक की नर्स से अभद्रता के आरोप में बाउंसरों ने पिटाई कर दी थी। मुशर्रफ का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ भी धक्का-मुक्की और गाली-गलौज हुई।
घटना से नाराज होकर उसने महकाब को वॉयस मैसेज भेजा, जिसमें कथित तौर पर अस्पताल को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। इसके बाद महकाब ने अस्पताल की लोकेशन और तस्वीर मांगी। मुशर्रफ के अनुसार, उसने करीब आधे घंटे बाद अस्पताल की फोटो और लोकेशन भेज दी थी, जिस पर महकाब ने जवाब दिया कि “यह काम हो जाएगा।”
फिलहाल एटीएस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

