देहरादून में संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: ISI मॉड्यूल से जुड़ा बड़ा खुलासा

उत्तराखंड।  उत्तराखंड  की राजधानी Dehradun में एक संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले खुलासे मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) से जुड़े एक नए मॉड्यूल का हिस्सा था।

🧩 सुनियोजित तरीके से बना था नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल बेहद व्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया था। इसमें शामिल हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं, ताकि किसी एक के पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क उजागर न हो सके।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

  • कुछ लोग भीड़भाड़ और संवेदनशील जगहों की रेकी करते थे
  • कुछ लॉजिस्टिक सपोर्ट (ठिकाने, संसाधन) संभालते थे
  • अन्य सदस्य सोलर वाई-फाई कैमरे लगाकर निगरानी करते थे

इन कैमरों के जरिए महत्वपूर्ण स्थानों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी और डेटा को दूर से एक्सेस किया जाता था।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

📡 देशभर में फैला था नेटवर्क

विक्रांत की गिरफ्तारी से पहले ही इस मॉड्यूल से जुड़े करीब 32 संदिग्धों को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि यह नेटवर्क देश के कई हिस्सों में सक्रिय था और एक बड़ी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।

🔍 डिजिटल माध्यम से जुड़ा था आरोपी

एसटीएफ के अनुसार, विक्रांत इस नेटवर्क से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जुड़ा था। उसके पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के फंडिंग स्रोत और संभावित टारगेट्स की गहराई से जांच कर रही हैं।

⚠️ संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप

विक्रांत पर आरोप है कि वह देहरादून के महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और लोकेशन पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेज रहा था। उसके तार आतंकी संगठन Tehrik-e-Taliban Hindustan (TTH) और अन्य नेटवर्क से भी जुड़े बताए जा रहे हैं।

🔫 हथियार बरामद, हमले की साजिश

एसटीएफ ने आरोपी के पास से एक पिस्टल, सात कारतूस और स्प्रे पेंट कैन बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह ग्रेनेड हमलों की योजना बना रहा था और दीवारों पर आतंकी संदेश लिख चुका था।

⚖️ आगे की कार्रवाई

विक्रांत के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। केंद्रीय एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं और उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी अहम जानकारी सामने आएगी।

👉 सुरक्षा एजेंसियों ने इस खुलासे के बाद देशभर में संवेदनशील इलाकों की निगरानी और कड़ी कर दी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

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