ईरान में फंसे उत्तराखंड के छात्र, परिवारों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान में उत्तराखंड के कई लोग फंस गए हैं। हालिया घटनाक्रम में अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए, जिसके चलते ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।

मंगलौर के 30 छात्र फंसे

मंगलौर क्षेत्र से हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र धार्मिक अध्ययन और इस्लामिक स्टडीज के लिए ईरान जाते हैं। इस वर्ष भी लगभग 30 छात्र वहां अध्ययनरत हैं। हवाई सेवाएं बंद होने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण परिजनों का उनसे नियमित संपर्क नहीं हो पा रहा है।

स्थानीय धर्मगुरु मौलाना सिब्ते हसन के अनुसार, मंगलौर से 10, जैनपुर झंझेडी से 10 और टांडा भनेड़ा से दो छात्र ईरान में अध्ययन कर रहे हैं। अन्य क्षेत्रों के छात्र भी वहां मौजूद हैं। परिजनों का कहना है कि हालात को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

विकासनगर का दंपती भी ईरान में

विकासनगर के ग्राम पंचायत अंबाड़ी निवासी अली हैदर (24) और उनकी पत्नी नूरजहां (23) भी ईरान में फंसे हैं। दोनों पिछले चार वर्षों से तेहरान से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित कुम शहर के एक इस्लामिक विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं।

अली हैदर के पिता शेर अली ने बताया कि कुछ दिन पहले ही बेटे-बहू से बातचीत हुई थी, लेकिन अब संपर्क मुश्किल हो गया है। उनका निकाह पिछले वर्ष अक्टूबर में हुआ था। परिवार ने बताया कि पूर्व में भी युद्ध जैसे हालात बनने पर भारतीय दूतावास की मदद से अली हैदर सुरक्षित लौटे थे और इस बार भी वे दूतावास के संपर्क में हैं।

केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग

परिवारों ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि फंसे छात्रों और अन्य लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चिंता का माहौल है। परिजन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और अपने प्रियजनों की कुशलता की प्रार्थना कर रहे हैं।

Leave a Reply