हम ईडी से बोल रहे हैं: पूर्व कर्नल को 12 दिन किया हाउस अरेस्ट, ठगे करोड़ों; चंडीगढ़ की सबसे बड़ी साइबर ठगी

चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सबसे पॉश सेक्टर-2ए निवासी रिटायर्ड कर्नल व उनकी पत्नी को 12 दिन तक हाउस अरेस्ट करके 3.40 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। यह शहर में अभी तक हुई सबसे बड़ी ठगी है जिसमें पीड़ित कर्नल ने रक्षामंत्री को शिकायत भेजी है।

वहीं साइबर थाना पुलिस ने मंगलवार रात को इस मामले में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। ठगों ने मुंबई से ईडी अधिकारी बनकर फोन किया और लगातार 12 दिनों तक वीडियो कॉल तक नहीं काटी। परिवार को मरवा देने की धमकी से डरे बुजुर्ग कर्नल दंपति ने हाउस अरेस्ट के बारे में किसी को नहीं बताया और बाद में 29 मार्च को जब वीडियो कॉल कट गई तो ठगों का मोबाइल ही बंद हो गया। इसके बाद शिकायत देकर केस दर्ज करवाया गया है।

शिकायतकर्ता रिटायर कर्नल दिलीप सिंह बाजवा ने बताया कि उन्होंने कई सालों तक सेना में रहते हुए देश सेवा की। वह सेक्टर-2ए में अपनी पत्नी व अन्य परिजनों के साथ रहते है। बीती 18 मार्च को उनके व्हाट्सअप नंबर पर अज्ञात से फोन आया और बातचीत करने वाले ने खुद को मुंबई से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का बड़ा अधिकारी बताया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपका केनरा बैंक का खाता मुंबई के एक खाते से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रयोग हुआ है।

फोन करने वाले फर्जी ईडी अधिकारी ने कहा कि जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल ने उन्हें इस मामले में फंसाया है। ठग ने कहा कि उन्होंने अपना खाता 5 लाख रुपये में बेचा था और 2 करोड़ रुपये की लॉन्ड्रिंग के लिए 20 लाख रुपये बतौर कमीशन भी ली है। कर्नल ने ठग को कहा कि उसका इस फर्जीवाड़े से कोई लेना देना नहीं है और न ही उनका केनरा बैंक में कोई खाता है जिसमें उनके पास कोई 20 लाख रुपये की कमीशन आई हो। लेकिन ठगों ने कर्नल को अपने जाल में फंसाने के लिए वीडियो कॉल कर उन्हें उनके नाम का फर्जी एटीएम कार्ड दिखाया।

फोन करने वाले ठगों ने कर्नल को कहा कि वे 5,038 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने 24 लोगों की फोटो भेजकर इन्हें पीड़ित बताया और कहा कि इन पीड़ितों में से एक ने आत्महत्या कर ली है। ठगों ने दंपति को सहयोग न करने पर जेल भेजने और संपत्ति जब्त करने की धमकी भी दी और धोखाधड़ी के जाल में फंसाने के लिए व्हाट्सएप के जरिए सुप्रीम कोर्ट के फर्जी पत्र भेजे। साथ ही काले धन की जांच की आड़ में उनकी वित्तीय संपत्तियों का पूरा खुलासा करने के लिए कहा।

कर्नल बाजवा ने बताया कि ठगों ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने इस बारे में किसी को भी बताया और या फिर वीडियो कॉल काटी तो उनके पूरे परिवार की हत्या हो सकती है। क्योंकि नरेश गोयल ने एक व्हिसलब्लोअर की उनके पूरे परिवार के साथ हत्या कर दी है। हत्या की बात सुनकर बुजुर्ग दंपति डर गया जिसके चलते ठगों ने कर्नल और उनकी पत्नी को घर में नजरबंद कर दिया। साथ ही उन्हें हर समय अपने फोन चालू रखने और किसी से भी संपर्क करने से मना किया। ठगों ने 18 मार्च से 29 मार्च तक 12 दिनों तक उन्हें महज एक कमरे में ही अरेस्ट करके रखा।

ठगों ने दंपति को कहा कि या तो वह मुंबई आ जाए और उनकी जांच में सहयोग करें, अन्यथा ईडी के खातों में पैसे ट्रांसफर कर दें ताकि वे उनकी पेमेंट को वेरीफाई कर सकें। अगर उनके पैसे ठगी से संबंधित नहीं होंगे तो उन्हें वेरिफिकेशन के बाद वापस कर दिए जाएंगे। ठगों ने उन्हें खाता नंबर भेजे जिसके चलते कर्नल ने बैंक में जाकर अपनी एफडी तुड़वाई और पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ठगों को कुल 3.40 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस दौरान उनकी पत्नी बंद कमरे में ही वीडियो कॉल पर रही। लगातार 12 दिनों बाद 29 मार्च को वीडियो कॉल कटी। इसके बाद जब बुजुर्ग दंपति ने उक्त नंबर पर फोन किया तो वह स्विच ऑफ हो चुका था। इसके बाद रिटायर्ड कर्नल ने रक्षामंत्री को शिकायत भेजी और पुलिस की ऑनलाइन वेबसाइट पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवाई जिसके बाद साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

साइबर एक्सपर्ट डीएसपी ने कहा कि पुलिस द्वारा विभिन्न स्तरों पर लोगों को ऑनलाइन ठगी, ईडी, जज या सीबीआई अधिकारी बनकर फोन करने वालों से बचने के लिए जागरूक किया जाता है। बाकायदा अब तो मोबाइल कंपनियों ने भी अपनी रिंगटोन में भी ऑनलाइन फ्रॉड इत्यादि से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि देश में अभी तक भी हाउस अरेस्ट करने जैसी कोई कार्रवाई कभी कोई पुलिस नहीं करती है। इसलिए अगर कोई ईडी या सीबीआई अधिकारी बनकर फोन करता है तो वह फ्रॉड हो सकता है। अगर किसी के साथ ऐसा फ्रॉड होता है तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।

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