उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027: 137 महिला बूथों पर महिलाओं के हाथों में होगी मतदान की कमान, 92 मॉडल पोलिंग स्टेशन भी बनेंगे, दिव्यांगों के लिए 66 विशेष बूथों की तैयारी

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार चुनाव में महिला सशक्तीकरण, दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा और दुर्गम क्षेत्रों में निष्पक्ष एवं सुगम मतदान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश में 137 महिला प्रबंधित मतदान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 92 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। वहीं, दिव्यांग कर्मचारियों की ओर से संचालित 66 विशेष मतदान केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों की व्यवस्था पिछले चुनावों की तुलना में अलग नजर आएगी। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं की चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ उन्हें मतदान व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपना है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में केवल 79 मतदान केंद्र ऐसे थे, जिनका पूरा संचालन महिला कर्मचारियों ने किया था। अब वर्ष 2027 के चुनाव में इनकी संख्या बढ़ाकर 137 करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे महिला कर्मचारियों को निर्वाचन प्रक्रिया में नेतृत्व और प्रबंधन की अधिक जिम्मेदारी मिलेगी।

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92 मॉडल पोलिंग स्टेशन पर मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

मतदान के दौरान मतदाताओं को बेहतर अनुभव देने के लिए प्रदेशभर में 92 मॉडल पोलिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा, सुगम आवागमन और बेहतर मतदान व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही दिव्यांग कर्मचारियों द्वारा संचालित 66 विशेष मतदान केंद्र भी बनाए जाएंगे, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में दिव्यांगजनों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।

निर्वाचन आयोग की इस योजना में महिला सशक्तीकरण के साथ समावेशी मतदान व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।

प्रदेश में बनाए जाएंगे 12,543 मतदान केंद्र

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड में कुल 12,543 पोलिंग स्टेशन निर्धारित किए गए हैं। इनमें कई मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पहुंचने के लिए कर्मचारियों और सुरक्षा बलों को कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ेगा। प्रदेश के तीन मतदान केंद्र ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक पैदल दूरी तय करनी होगी। इनमें दो मतदान केंद्र उत्तरकाशी और एक चमोली जिले में स्थित है।

इसके अलावा आठ मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां पहुंचने के लिए 10 से 15 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ेगा। वहीं, 23 मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए आठ से 10 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई तय करनी होगी। पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम रास्तों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने मतदान पार्टियों की रवानगी का कार्यक्रम भी पहले से तैयार किया है।

12 पोलिंग पार्टियां तीन दिन और 665 पार्टियां दो दिन पहले होंगी रवाना

दुर्गम क्षेत्रों में समय पर मतदान सामग्री और कर्मचारियों को पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कार्ययोजना के अनुसार 12 पोलिंग पार्टियों को मतदान से तीन दिन पहले ही रवाना कर दिया जाएगा। वहीं, 665 पोलिंग पार्टियां मतदान से दो दिन पहले अपने निर्धारित केंद्रों के लिए रवाना होंगी। इससे दूरस्थ और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले मतदान केंद्रों पर समय से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।

प्रदेश में 910 मतदाता 100 वर्ष से अधिक आयु के

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी एक जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार उत्तराखंड में शतायु मतदाताओं की संख्या भी उल्लेखनीय है। प्रदेश में 100 वर्ष से अधिक आयु के 910 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, 85 वर्ष से अधिक उम्र के 48,558 वरिष्ठ मतदाता मतदाता सूची में शामिल हैं।

इसके अलावा प्रदेश में कुल 76,216 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 212 दर्ज की गई है। इन सभी वर्गों की मतदान प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।

वनराजि और बुक्सा जनजाति के मतदाताओं के पंजीकरण पर भी जोर

प्रदेश की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) में शामिल वनराजि और बुक्सा जनजाति के पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इन दोनों जनजातियों के 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 25,676 पात्र नागरिक हैं। इनमें से अब तक 13,053 लोगों का मतदाता के रूप में पंजीकरण पूरा किया जा चुका है।

निर्वाचन आयोग का प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए मतदाता पंजीकरण और चुनावी जागरूकता से जुड़े कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

दुर्गम पहाड़ से लेकर शहरी मतदान केंद्रों तक तैयारी

उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनाव संचालन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहती हैं। एक ओर मैदानी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं को संभालने की जिम्मेदारी होगी, वहीं दूसरी ओर पर्वतीय जिलों के दूरस्थ गांवों तक मतदान दलों को पहुंचाना भी चुनौती रहेगा। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने महिला प्रबंधित बूथ, मॉडल पोलिंग स्टेशन, दिव्यांग कर्मचारियों के विशेष बूथ और अग्रिम पोलिंग पार्टियों की रवानगी जैसी व्यवस्थाओं को अपनी चुनावी कार्ययोजना में शामिल किया है।

इन तैयारियों के माध्यम से आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक समावेशी, व्यवस्थित और सुविधाजनक मतदान व्यवस्था सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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