उत्तराखंड में नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ आसान, अब नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर; 150 किलोवाट तक साइट निरीक्षण भी खत्म

देहरादून। उत्तराखंड में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। अब कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने ईज ऑफ लिविंग और उपभोक्ता अधिकारों को आसान बनाने की दिशा में नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।

नई व्यवस्था के तहत नए बिजली कनेक्शन के लिए शुल्क पहले से निर्धारित रहेगा। साथ ही 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए साइट इंस्पेक्शन की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। यह नई व्यवस्था एक नवंबर से पूरे प्रदेश में लागू होगी।

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पहले से तय होंगी कनेक्शन की दरें

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नए बिजली कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को अलग-अलग मामलों में अधिकारियों द्वारा तैयार किए जाने वाले व्यक्तिगत एस्टीमेट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के निदेशक तकनीकी यश डिमरी के अनुसार, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के इलेक्ट्रिसिटी राइट्स ऑफ कंज्यूमर रूल्स को प्रदेश में लागू किया गया है। इसके तहत नए कनेक्शन की प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए दरों को पूर्व-निर्धारित किया गया है।

इससे उपभोक्ता को आवेदन करते समय ही यह जानकारी मिल सकेगी कि उसे कनेक्शन के लिए कितना शुल्क जमा करना होगा। इससे शुल्क को लेकर असमंजस और अनावश्यक प्रक्रिया कम होने की उम्मीद है।

150 किलोवाट तक कनेक्शन में साइट इंस्पेक्शन की जरूरत नहीं

नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए अधिकारियों द्वारा बार-बार साइट निरीक्षण करने की आवश्यकता नहीं होगी। अभी तक कनेक्शन प्रक्रिया के दौरान साइट की स्थिति देखने और एस्टीमेट तैयार करने में समय लगता था।

नई व्यवस्था में पूर्व निर्धारित दरों के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को कनेक्शन प्राप्त करने में लगने वाला समय कम हो सकता है और बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी अनावश्यक निरीक्षण संबंधी काम का बोझ घटेगा।

आयोग का उद्देश्य बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल, समयबद्ध और उपभोक्ता केंद्रित बनाना है।

खंभे से घर तक 40 मीटर की दूरी वाला नियम बदला

नई व्यवस्था में बिजली के खंभे से उपभोक्ता के परिसर तक लाइन की दूरी को लेकर लागू पुराने 40 मीटर के नियम में भी बदलाव किया गया है।

अब यदि उपभोक्ता का परिसर बिजली लाइन या खंभे से 300 मीटर तक की दूरी के भीतर है तो उसके लिए शुल्क पहले से निर्धारित रहेगा। उपभोक्ता को आवेदन के समय निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।

इससे अलग-अलग मामलों में मौके का निरीक्षण कर एस्टीमेट तैयार करने की जरूरत कम होगी और उपभोक्ता को पहले ही अपने कनेक्शन की अनुमानित लागत की जानकारी मिल सकेगी।

300 मीटर से ज्यादा दूरी होने पर भी प्रक्रिया स्पष्ट

यदि किसी उपभोक्ता का परिसर बिजली लाइन से 300 मीटर से अधिक दूरी पर है तो भी उपभोक्ता को पूरी प्रक्रिया के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

ऐसे मामलों में आवेदन के साथ 300 मीटर तक की निर्धारित दूरी का शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद 300 मीटर से अधिक की दूरी के लिए बिजली विभाग के अधिकारी को तय स्लैब के अनुसार अतिरिक्त राशि की जानकारी देनी होगी।

अधिकारियों को यह जानकारी 15 दिन के भीतर उपलब्ध करानी होगी। इससे उपभोक्ता को यह पता चल सकेगा कि अतिरिक्त दूरी के लिए उसे कितना शुल्क देना होगा और कनेक्शन के लिए आगे की प्रक्रिया क्या होगी।

उपभोक्ताओं को मिलेगी शुल्क की स्पष्ट जानकारी

नई व्यवस्था का एक अहम उद्देश्य बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना भी है। पहले कई मामलों में साइट की स्थिति, लाइन की दूरी और अन्य तकनीकी परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग एस्टीमेट तैयार किए जाते थे।

अब निर्धारित दरों और स्लैब के कारण उपभोक्ता को शुल्क संबंधी जानकारी अधिक स्पष्ट रूप से मिल सकेगी। इससे कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में होने वाली अनिश्चितता कम होगी।

एक नवंबर से पूरे प्रदेश में लागू होंगे नियम

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की नई व्यवस्था 1 नवंबर से पूरे प्रदेश में लागू होगी। इसका लाभ शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।

आयोग का मानना है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े नियमों को प्रदेश में लागू करने से बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी।

दफ्तरों के चक्कर और अनावश्यक निरीक्षण से मिलेगी राहत

नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को कनेक्शन के लिए बार-बार बिजली कार्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी। 150 किलोवाट तक के कनेक्शन में साइट निरीक्षण की अनिवार्यता समाप्त होने और शुल्क पहले से निर्धारित होने के कारण आवेदन से कनेक्शन तक की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो जाएगी।

300 मीटर तक की दूरी के लिए निर्धारित शुल्क और इससे अधिक दूरी होने पर 15 दिन के भीतर अतिरिक्त राशि की जानकारी देने की व्यवस्था से उपभोक्ताओं को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

कुल मिलाकर आयोग की यह नई व्यवस्था समय की बचत, पारदर्शिता और उपभोक्ता सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। एक नवंबर से इसके लागू होने के बाद नए बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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