एम्स नियुक्ति फर्जीवाड़ा: पुलिस ने आउटसोर्स एजेंसी के कार्यालय की ली तलाशी, मैनेजर की गिरफ्तारी संभव

ऋषिकेश स्थित एम्स के किच्छा सेटेलाइट सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करने और अभ्यर्थियों से पैसे मांगने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने एम्स परिसर स्थित आउटसोर्स एजेंसी राजदीप इंटरप्राइजेज के कार्यालय में छानबीन की।

जांच के दौरान टीम ने कार्यालय में मौजूद कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य डिजिटल दस्तावेजों को कब्जे में लेकर सील कर दिया। घटना के बाद एजेंसी के अधिकांश कर्मचारी कार्यालय से अनुपस्थित मिले। कर्मचारी सौम्या भी वहां मौजूद नहीं थी।

पुलिस को कुछ कथित फर्जी दस्तावेजों पर सौम्या के हस्ताक्षर मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की परिस्थितियां और उसकी वास्तविक भूमिका फॉरेंसिक जांच तथा पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मैनेजर विनायक जांच के केंद्र में

मामले में आउटसोर्स एजेंसी के स्थानीय मैनेजर विनायक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। वह घटना के दिन से फरार है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ऋषिकेश में कथित फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करने के लिए विनायक को किस स्तर तक अधिकार प्राप्त थे।

जांच में उसके खिलाफ पर्याप्त तथ्य मिलने पर पुलिस आगे कार्रवाई कर सकती है और उसकी गिरफ्तारी भी संभव है। इसके अलावा एजेंसी के गांधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय और उसके दोनों साझेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोनों साझेदारों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है।

ऋषिकेश के प्रभारी कोतवाल नवीन जोशी के अनुसार, एजेंसी के कार्यालय से लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल दस्तावेज सील किए गए हैं। स्थानीय मैनेजर विनायक फरार है और उसकी भूमिका की जांच चल रही है। कर्मचारी सौम्या भी जांच के दायरे में है।

Leave a Reply