उत्तराखंड में 107 बिना मान्यता वाले मदरसे बंद, हरिद्वार में सबसे ज्यादा कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई जारी है। प्रदेश में अब तक 107 मदरसे बंद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 102 मदरसे हरिद्वार जिले के हैं। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर में पांच मदरसों पर कार्रवाई की गई है।

हरिद्वार के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी चंद्र प्रकाश रावत ने मंगलवार को राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को जिले की रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के मुताबिक, हरिद्वार में 102 मदरसे बंद किए जा चुके हैं। वहीं 76 मदरसों ने मान्यता के लिए शिक्षा विभाग में आवेदन किया है, जिन पर प्रक्रिया चल रही है। जिले में 45 मदरसे शिक्षा विभाग में पंजीकृत हैं, जबकि 46 मदरसों का अभी निरीक्षण किया जाना बाकी है।

ऊधमसिंह नगर में 119 मदरसे

राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अनुसार ऊधमसिंह नगर जिले में कुल 119 मदरसे हैं। इनमें से पांच बंद किए जा चुके हैं। वहीं 60 मदरसों ने अभी तक शिक्षा विभाग से मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है।

नैनीताल जिले में कुल 18 मदरसे बताए गए हैं, जिनमें से 12 ने मान्यता के लिए आवेदन किया है।

पिथौरागढ़ और चंपावत की रिपोर्ट का इंतजार

प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार पिथौरागढ़ में एक और चंपावत में दो मदरसे हैं। हालांकि, इन दोनों जिलों के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों की रिपोर्ट अभी प्राधिकरण को प्राप्त नहीं हुई है।

सरकार की कार्रवाई के बाद मदरसों की वास्तविक संख्या, उनके पंजीकरण और मान्यता की स्थिति को लेकर जिलावार जानकारी जुटाई जा रही है। आने वाले दिनों में अन्य जिलों की रिपोर्ट मिलने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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