अल्मोड़ा में घर में घुसा तेंदुआ, 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर किया हमला; बहू की चीख से बची जान

अल्मोड़ा के स्याल्दे क्षेत्र के फूलाई गांव में शुक्रवार तड़के घर में घुसे तेंदुए ने 88 वर्षीय परुली देवी पर हमला कर दिया।
तेंदुए के पंजों से महिला के सिर और हाथों में चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद रामनगर रेफर किया गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है और वन विभाग ने गश्त बढ़ाते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।

खबर का संपादित विस्तृत रूप

अल्मोड़ा: जिले के स्याल्दे विकासखंड के फूलाई गांव में शुक्रवार तड़के एक तेंदुआ घर में घुस आया और सो रही 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में महिला के सिर और हाथों पर चोटें आई हैं। उनकी बहू के शोर मचाने और आसपास के ग्रामीणों के पहुंचने के बाद तेंदुआ वहां से भाग गया।

ग्राम प्रधान अमन बिष्ट के अनुसार, फूलाई निवासी परुली देवी (88) पत्नी स्व. आन सिंह रात करीब तीन बजे घर में सो रही थीं। इसी दौरान तेंदुआ घर के भीतर घुस आया। उसने महिला के सिर पर पंजा मारा और उनके हाथों पर भी हमला किया। हमले से घायल महिला ने शोर मचाया।

महिला की आवाज सुनकर घर में सो रही उनकी बहू जाग गई और उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीणों के पहुंचने पर तेंदुआ वहां से निकल गया। इसके बाद ग्रामीण घायल परुली देवी को तत्काल भिकियासैंण अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण और बेहतर उपचार के लिए रामनगर रेफर कर दिया। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

गांव में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त

घर के भीतर घुसकर तेंदुए के हमले की घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार तेंदुए की सक्रियता बनी हुई है। इससे लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जौरासी रेंज के रेंजर आशुतोष जोशी ने अस्पताल पहुंचकर घायल महिला का हाल जाना। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में गश्त और तेंदुए की निगरानी शुरू कर दी है। तेंदुए की सक्रियता वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा

ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के साथ ही प्रभावित गांवों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है। लगातार हो रहे वन्यजीवों के हमलों के बीच ग्रामीणों का कहना है कि अब तेंदुए का आतंक गांवों में गंभीर सुरक्षा चुनौती बनता जा रहा है।

Leave a Reply