हरिद्वार में आस्था का सैलाब, तीन करोड़ से अधिक कांवड़िये भर चुके गंगाजल; ‘भोला’ नाम से एकजुट हुए शिवभक्त

हरिद्वार। सावन के महीने में हरिद्वार एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है और गंगा घाटों से लेकर कांवड़ पटरी तक हर तरफ भगवा रंग दिखाई दे रहा है। देशभर से पहुंचे लाखों शिवभक्त कंधों पर कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। अब तक तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर रवाना हो चुके हैं।

कांवड़ मार्ग पर लगातार ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे हैं। इस धार्मिक यात्रा की सबसे खास बात यह है कि यहां पहुंचते ही श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत पहचान मानो पीछे छूट जाती है। घर पर कोई शिवम, कार्तिक, मोहित या राजू हो सकता है, लेकिन कांवड़ यात्रा में हर शिवभक्त को साथी प्यार से ‘भोला’ कहकर पुकारते हैं।

‘भोला’ नाम बन रहा हौसले का सहारा

घर से निकलते समय परिवार और दोस्त कांवड़ियों को उनके नाम से बुलाते हैं, लेकिन यात्रा शुरू होने के बाद साथ चल रहे श्रद्धालुओं के बीच सभी एक-दूसरे के लिए ‘भोला’ बन जाते हैं। थकान के बीच साथी कांवड़िये एक-दूसरे को पानी पिलाते हैं और कांवड़ संभालने में मदद करते हैं।

यात्रा के दौरान ‘चल भोले, थोड़ा और चलना है’ जैसे शब्द थके हुए कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं। यही भाईचारा कांवड़ यात्रा को खास बनाता है। यहां जाति, उम्र, शहर और व्यक्तिगत पहचान का अंतर खत्म होता दिखाई देता है।

दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु एक ही भगवा रंग में नजर आ रहे हैं। सभी की मंजिल अलग हो सकती है, लेकिन आस्था का केंद्र भगवान शिव ही हैं।

डाक कांवड़ियों की बढ़ी रफ्तार

कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में अब डाक कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अगले कुछ दिनों तक हरिद्वार में शिवभक्तों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। इसके चलते प्रशासन ने यात्रा मार्ग, पार्किंग और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीआर में स्थापित सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष का जायजा लेते हुए अधिकारियों को कैमरों और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

प्रशासन की नजर विशेष रूप से कांवड़ मार्ग, पार्किंग स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों पर है। जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि अधिक भीड़ वाले स्थानों पर अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना सुनिश्चित किया जाए।

कांवड़ मेले के बाद कुंभ की तैयारियों पर भी नजर

जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ मेले के बाद आगामी कुंभ आयोजन को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। मेले के दौरान सामने आने वाली कमियों को सभी संबंधित विभाग सूचीबद्ध करेंगे, ताकि भविष्य के बड़े धार्मिक आयोजनों में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

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