राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी, विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

देहरादून।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सी.एस. तोमर ने बताया कि 24 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर होगा, हालांकि राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

इसी बीच रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने प्रदेश के उच्च हिमालीय क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन (एवलांच) की आशंका जताई है। डीजीआरई द्वारा जारी पूर्वानुमान (शुक्रवार शाम पांच बजे से शनिवार शाम पांच बजे तक) के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों को डेंजर लेवल-3, जबकि बागेश्वर जिले को डेंजर लेवल-2 श्रेणी में रखा गया है।

भारी बर्फबारी की स्थिति में इन क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाएं होने की आशंका को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और अन्य रेखीय विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश जारी किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

हिमस्खलन से बचाव के लिए सुझाव

  • बर्फबारी या हिमस्खलन की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी और बर्फीले क्षेत्रों में केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।

  • पुराने एवलांच क्षेत्रों और तीखी ढलानों से दूरी बनाए रखें।

  • पहले से हिमस्खलन प्रभावित रहे इलाकों में विशेष सतर्कता बरतें और वहां रुकने या शिविर लगाने से बचें।

  • अधिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में फंसने की स्थिति में एक-दो दिन के लिए निचले और अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

  • मोबाइल फोन, पावर बैंक, टॉर्च, प्राथमिक उपचार किट और जरूरी दवाइयां अपने पास रखें।

  • जिला प्रशासन द्वारा जारी किसी भी एडवाइजरी, अलर्ट या प्रतिबंध का पालन करें।

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