राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार, सांसद अजय भट्ट बोले- विपक्ष की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं राहुल गांधी
हल्द्वानी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। हल्द्वानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा सांसद अजय भट्ट ने राहुल गांधी की टिप्पणी की निंदा करते हुए इसे शर्मनाक और दुखद बताया। उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा कि क्या पार्टी राहुल गांधी की टिप्पणी से सहमत है।
भाजपा संभाग कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सांसद अजय भट्ट ने कहा कि अजीत डोभाल ने दशकों तक देश की सुरक्षा और राष्ट्रहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके अनुसार, अजीत डोभाल के योगदान पर उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गर्व है और उनके प्रति सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए।
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राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। इसके बावजूद उनकी टिप्पणी से विपक्ष के पद की गरिमा प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्रभक्तों का अपमान करने और विदेशों में प्रधानमंत्री की आलोचना करने का काम कर रही है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
भट्ट ने राहुल गांधी से अपने बयान के लिए देश से माफी मांगने की मांग की। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, नवीन भट्ट और नितिन राणा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर भी रखी बात
दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने को लेकर हो रहे विरोध के संबंध में पूछे गए सवाल पर सांसद भट्ट ने कहा कि बिना प्रमाण के किसी बात को साबित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार किसी व्यक्ति को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने से पहले उसकी नियुक्ति से जुड़े पहलुओं की जांच और समीक्षा करती है।
भट्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है।
वायरल वीडियो और भ्रष्टाचार के आरोपों पर क्या कहा?
प्रदेश सरकार की मंत्री रेखा आर्या के कथित वायरल वीडियो और गिरधारी साहू की ओर से लगाए गए करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर सांसद अजय भट्ट ने कहा कि केवल वीडियो वायरल होना किसी आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास आरोपों से संबंधित साक्ष्य हैं, तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि मामले की जांच की जा सके।


