उत्तराखंड भाजपा में बड़ा बदलाव: अजय कुमार की राजस्थान विदाई के पीछे वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी!
देहरादून।
उत्तराखंड भाजपा के संगठन महामंत्री अजय कुमार को राजस्थान का संगठन महामंत्री बनाए जाने के पीछे संगठन के भीतर की नाराजगी एक बड़ा कारण मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के कई वरिष्ठ नेता नहीं चाहते थे कि अजय कुमार अब उत्तराखंड में अपनी जिम्मेदारी जारी रखें।
हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने संगठन महामंत्री को लेकर अपना फीडबैक दिया था। बताया जा रहा है कि नेताओं की राय और प्रदेश के राजनीतिक माहौल को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने अजय कुमार को सम्मानजनक तरीके से राजस्थान भेजने का निर्णय लिया।
अजय कुमार ने सितंबर 2019 में उत्तराखंड भाजपा के संगठन महामंत्री का कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल में भाजपा ने विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, निकाय चुनाव और पंचायत चुनावों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। संगठनात्मक दृष्टि से उनका रिकॉर्ड मजबूत माना जाता है।
हालांकि, पिछले कुछ समय से चर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में उनका नाम राजनीतिक आरोपों के जरिए जोड़ा जाने लगा था। विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं, जिससे पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को आगामी विधानसभा चुनावों में संभावित राजनीतिक नुकसान की चिंता सताने लगी थी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने दौरे के दौरान कोर कमेटी, मंत्रियों और संगठन की विभिन्न इकाइयों के साथ बैठकें कीं। इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर संगठन की स्थिति पर फीडबैक लिया। इसी दौरान संगठन में बदलाव की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
अब अजय कुमार के राजस्थान जाने के बाद उत्तराखंड भाजपा में संगठन महामंत्री का पद खाली हो गया है। नए महामंत्री के सामने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने, प्रदेश की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों को समझने और सभी 70 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।

