हरीश रावत की ‘तरबूज-खरबूज पार्टी’ में सियासी संदेश, नारी शक्ति बंधन अधिनियम पर रखी राय

देहरादून । देहरादून  में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने आवास पर एक अनोखी ‘तरबूज-खरबूज पार्टी’ का आयोजन किया, जो सिर्फ मौसमी फलों तक सीमित नहीं रही बल्कि इसके जरिए उन्होंने राजनीतिक संदेश भी दिया। इस आयोजन में खीरा, खरबूजा, रागी और तरबूज जैसे स्थानीय उत्पादों को परोसा गया, जिससे उनके ‘लोकल फोकस’ की झलक भी देखने को मिली।

राजनीतिक गलियारों में इस तरह के आयोजन को उनकी सक्रियता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी वे ‘माल्टा पार्टी’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए जनता से जुड़ने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की कोशिश करते रहे हैं।

इस मौके पर हरीश रावत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर अपनी राय रखते हुए कहा कि इस कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए और वे इसका स्वागत करते हैं। हालांकि, उन्होंने परिसीमन (delimitation) से जुड़े सवालों पर चिंता जताई और सुझाव दिया कि इस विषय पर सर्वदलीय बैठक कर स्पष्टता लाई जानी चाहिए।

कुल मिलाकर, यह ‘फल पार्टी’ एक साधारण सामाजिक आयोजन से ज्यादा राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बन गई, जिसमें रावत ने अपनी उपस्थिति और विचार दोनों को मजबूती से सामने रखा।

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