गोलीकांड: क्लब विवाद में चली गोलियां, सैर पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत
देहरादून । देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से मौत हो गई। यह गोलीबारी युवकों के दो गुटों के बीच हुए विवाद का परिणाम थी, जिसकी शुरुआत एक नाइट क्लब से हुई थी।
क्या हुआ था?
ब्रिगेडियर जोशी रोज की तरह अपने साथियों के साथ सुबह टहलने निकले थे। इसी दौरान सड़क पर तेज रफ्तार दो कारों में सवार युवक आपस में फायरिंग कर रहे थे। इस अंधाधुंध गोलीबारी में एक गोली सीधे उनके सीने में जा लगी। उनका इस विवाद से कोई संबंध नहीं था, फिर भी वे इसकी चपेट में आ गए।
क्लब से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह झगड़ा “जेन-जी क्लब” में शुरू हुआ था, जहां पार्टी के दौरान दो गुटों के बीच मारपीट हुई। बाद में दोनों पक्ष कारों में सवार होकर बाहर आए और एक-दूसरे पर गोलियां चलाने लगे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए क्लब को सील कर दिया है।
इलाके में दहशत
घटना के बाद जोहड़ी गांव के लोग सहम गए हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह अचानक गोलियों की आवाज और गाड़ियों के हॉर्न से अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने डर के मारे अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए।
कानून व्यवस्था पर सवाल
देहरादून के राजपुर रोड, सहस्रधारा और क्लेमेंटटाउन जैसे पॉश इलाकों में स्थित कई क्लब और बार पहले भी विवादों में रहे हैं। आरोप है कि कई जगहों पर अवैध शराब और नशे का कारोबार होता है और देर रात तक हुड़दंग चलता रहता है। प्रशासन ने ऐसे क्लबों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
ब्रिगेडियर जोशी का जीवन
ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी ने करीब 62 वर्ष की उम्र तक सेना में सेवा दी थी। वे इंटेलिजेंस कोर में रहे और कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा बने। उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए अमेरिका के ब्रॉन्ज स्टार मेडल से भी सम्मानित किया गया था। उनके परिवार में एक बेटा (नौसेना में) और एक बेटी है।
स्थानीय समस्याएं
ग्रामीणों का कहना है कि जोहड़ी-जाखन के जंगलों में नशे का कारोबार होता है और रात में युवाओं का हुड़दंग आम बात है। उन्होंने पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

