तीन महीने बाद आसमान से बरसी राहत: शिमला सहित हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर सीजन की पहली बर्फबारी

शिमला।
करीब तीन महीने से सूखे जैसे हालात झेल रहे हिमाचल प्रदेश में आखिरकार मौसम ने राहत दी है। राज्य में रात से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। राजधानी शिमला सहित मनाली, नारकंडा, कुफरी, चायल, डलहौजी, कल्पा और अन्य पर्यटन व रिहायशी इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है।

चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर के कई क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। शिमला में बर्फीले तूफान और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। ताजा बारिश-बर्फबारी से किसानों, बागवानों, पर्यटन कारोबारियों और सैलानियों के चेहरों पर खुशी लौटी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने कई जिलों में भारी बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट और अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

बर्फबारी के चलते शिमला सहित ऊंचाई वाले इलाकों में सड़कें बाधित हो गई हैं। शिमला की लाइफ लाइन सर्कुलर रोड पर वाहनों की आवाजाही ठप रही, जिससे लोगों को पैदल सफर करना पड़ा। चौपाल-देहा सड़क बंद हो गई है, जबकि ढली-कुफरी मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

पर्यटन नगरी मनाली में सीजन की पहली बर्फबारी होते ही सैलानी खुशी से झूम उठे। हालांकि फिसलन और कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन ने पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आपात स्थिति में ही सावधानी के साथ सफर करने की अपील की है।

जलोड़ी दर्रा में पहली बर्फबारी के बाद हाईवे-305 को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है, जिससे बाह्य सराज क्षेत्र की कई पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। चंबा जिले में चार माह के सूखे के बाद हुई बारिश-बर्फबारी से लोगों और किसानों को बड़ी राहत मिली है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 28 जनवरी तक मौसम खराब बना रह सकता है। 24 और 25 जनवरी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश-बर्फबारी, जबकि 26 से 28 जनवरी के बीच फिर व्यापक बारिश और हिमपात के आसार हैं।

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